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Removing Corruption (Video In Hindi)

October 16, 2013 / 31:44

In this episode, Anna Hazare discusses his journey in the anti-corruption movement, inspired by Swami Vivekananda and Mahatma Gandhi. He shares insights on rural development, the challenges faced during his activism, and the importance of the Jan Lokpal Bill in combating corruption.

Hazare recounts his early motivations for public service, emphasizing the need for selfless living and the impact of corruption on development. He highlights significant achievements in rural development and the establishment of laws like the Right to Information.

The conversation touches on the political landscape, the role of self-interest in corruption, and the necessity for systemic change in governance. Hazare stresses the importance of empowering citizens to demand accountability from their leaders.

He reflects on the evolution of his strategies over the years, advocating for a collective movement to address corruption and improve the lives of ordinary citizens.

The episode concludes with Hazare's vision for the future, focusing on organizing citizens to create a pressure group that can effectively challenge corruption at a national level.

TL;DR

Anna Hazare discusses his anti-corruption activism, rural development, and the need for systemic change in governance.

Episode

31:44
00:00:01
अन्ना हजारी जी आज आप आप हमारे साथ हैं
00:00:05
उससे हमें बहुत खुशी
00:00:07
हुई मैं नॉलेज एट टन का मुख्य संपादक हूं
00:00:11
और मेरे दोस्त देवेश कपूर सेंटर फॉर
00:00:14
एडवांस स्टडी ऑफ इंडिया कैसी के अध्यक्ष
00:00:17
है और नॉलेज एट टन और कैसी की ओर से हम
00:00:22
आपका स्वागत करना चाहते हैं नमस्कार
00:00:26
नमस्कार सबसे पहले मैं आपको यह पूछना
00:00:31
कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने के
00:00:35
लिए आप कैसे प्रेरित हुए एक तो मेरे जीवन
00:00:40
में मुझे शुरू में प्रेरणा
00:00:44
मिली स्वामी
00:00:47
विवेकानंद मैं अपने जीवन में सोच रहा था
00:00:52
कि क्या है मनुष्य
00:00:55
जीवन हर आदमी जन्म में आता कुछ लेकर आता
00:00:59
नहीं
00:01:00
जाता कुछ लेकर जाता नहीं लेकिन उम्र भर
00:01:04
दौड़ता है मेरा मेरा मेरा मेरा मेरा मेरा
00:01:09
कई लोग तो मेरा मेरा कहकर भी रुकते नहीं
00:01:13
मेरा वह मेरा लेकिन तेरा वोह भी
00:01:17
मेरा और उमर भर दौड़ता उम्र भर दौड़ता और
00:01:22
जाते समय खाले हाथ से जाता तो मैं सोचते
00:01:26
बैटा कि क्या चक्कर है दुनिया का
00:01:31
यह दुनिया क्यों बनाई भगवान ने किसी ने
00:01:35
गीत गाया
00:01:36
है दुनिया बनाने वाले काहे को दुनिया बनाई
00:01:42
क्या तेरे मन में
00:01:43
समाई कि जन्म में आता कुछ नहीं जाता कुछ
00:01:47
नहीं उम्र भर दौड़ता और हाथ में कुछ नहीं
00:01:49
तो मैं एक दिन सोचा आत्महत्या
00:01:52
करना क्यों
00:01:54
जीना एक स्वामी विवेकानंद जी की किताब हाथ
00:01:58
में आई दिल्ली
00:02:01
पर पढ़ना शुरू कर दिया जीवन का धागा हात
00:02:05
में आ
00:02:06
गया और मुझे एक बात का जानकारी हुई कि हर
00:02:10
इंसान के लिए जीवन मिला है सेवा के लिए
00:02:13
मिला
00:02:16
सेवा चार दीवारों के अंदर एक मस् मंदिर है
00:02:19
मस्जिद है चर्च है गुरुद्वारा है यह जो
00:02:23
सेवा हम करते हैं ऐसे हमारा गांव एक मंदिर
00:02:27
है राष्ट्र एक मंदिर है जनता यह सर्वेश्वर
00:02:31
है यह जनता की सेवा यह भगवान की पूजा है
00:02:35
यह मुझे पता चला और मैं जीवन के 26 साल के
00:02:41
उम्र में यंग था
00:02:43
मैं मैं मेरे जीवन का निर्णय लिया क्या
00:02:47
अभी मेरा आगे का
00:02:49
लाइफ सेवा केलिए
00:02:52
अर्पण सेवा में जनसेवा और राष्ट्र
00:02:57
सेवा मैं पहले गांव के के विकास में काम
00:03:00
शुरू
00:03:01
किया एक अच्छा मॉडल गांव बना
00:03:05
दिया और उसके बाद जब मुझे पता चला कि
00:03:10
डेवलपमेंट में जो पकलेक्शन लगा है करप्शन
00:03:14
का यह परकलेट जब तक नहीं
00:03:17
रुकेगा तब तक सही डेवलपमेंट नहीं होगा
00:03:21
इसीलिए मैं करप्शन मूवमेंट को हाथ में
00:03:24
लिया रूरल डेवलपमेंट
00:03:28
1975 करप्शन मूमेंट
00:03:33
1990 और उससे जब शुरू
00:03:36
किया जहां-जहां भ्रष्टाचार नजर आ
00:03:40
गया उसको देखकर मैं आंदोलन शुरू कर
00:03:45
दिया हमारा एक स्टेट है
00:03:49
महाराष्ट्र छह कैबिनेट मंत्री घर चले गए
00:03:52
करप्टेड लोग हमारे आंदोलन के
00:03:55
कारण 400 से ज्यादा ऑफिसर घर चले गए कर
00:04:00
लोग सात कानून बनाए आरटीआई का कानून पहले
00:04:04
हमने
00:04:06
बनाया तो मुझे प्रेरणा मिली य जीवन को
00:04:10
प्रेरणा मिली स्वामी
00:04:13
विवेकानंद महात्मा गांधी का विचारों का
00:04:16
प्रभाव पड़ा रूर डेवलपमेंट में
00:04:19
लगा करप्शन दिखाई दिया इसलिए करप्शन
00:04:23
मोमेंट हाथ में लिया और अभी करप्शन मोमेंट
00:04:26
को मैं करीब 22 साल हो गया चला रहा
00:04:32
हूं तो करप्शन
00:04:35
को जो मोमेंट है उसको चलाने का मुझे जो
00:04:39
प्रेरणा मिली मूलतः है स्वामी
00:04:43
विवेकानंद उससे फिर मैं यहां तक आ
00:04:46
गया 26 साल की उम्र से आप सार्वजनिक सेवा
00:04:50
करते आए हैं इसके
00:04:53
दौरान आपको सबसे बड़ी चुनौती कौन सी थी और
00:04:59
आप ने उसका सामने सामना कैसे
00:05:03
किया सबसे चुनौती एक होती
00:05:07
है जब हम जड़ से काम शुरू कर
00:05:11
दे हमारे काम
00:05:14
से किसी ना किसी की प्रतिष्ठा कम होने
00:05:17
वाली होती
00:05:18
है उसको खतरा लगता है तो वह विरोध
00:05:25
करेगा किसी ना किसी का ब्लैक मार्केटिंग
00:05:28
कम होने वाला है वह विरोध
00:05:32
करेगा कहीं पटेल लोग हैं उनको खतरा लगता
00:05:35
है कि कल यह काम अच्छा बन गया तो मुझे
00:05:38
पटेल कौन कहेंगे लोग वह विरोध
00:05:42
करेगा ऐसे कई प्रकार के विरोध होते
00:05:47
हैं लेकिन मैं निश्चय किया
00:05:50
था मेरा जीवन का निश्चय हो गया कि सेवा के
00:05:54
लिए जीवन अर्पण
00:05:56
करना इतना मुश्किलात आ गया इतना मुश्किल
00:06:00
इतना विरोध
00:06:01
हुआ लेकिन मैं रुका नहीं
00:06:04
हूं मेरे में जीवन में पांच बातें मैं
00:06:09
संभाला एक शुद्ध
00:06:12
आचार शुद्ध
00:06:15
विचार निष्कलंक
00:06:18
जीवन जीवन में
00:06:20
त्याग और इंसल्ट पीने की
00:06:24
शक्ति ये पांच गुण मेरे जीवन में मैं
00:06:27
संभालते आने के कारण इतना विरोध हुआ कुछ
00:06:31
चला
00:06:33
नहीं अभी छह कैबिनेट मंत्री घर गए यह इतना
00:06:37
आसान नहीं
00:06:39
है इतना विरोध किया यह मंत्रियों ने पैसा
00:06:44
है प्रेस मीडिया हाथ में लेकर मेरी बदनामी
00:06:49
का प्रयास किया लेकिन मेरे जीवन में पांच
00:06:53
बातें जो
00:06:54
थी कुछ नहीं
00:06:56
चला आखिर उनको घर जाना पड़ा तो य
00:07:01
शुरू शुरू में यह डिफिकल्टी जो आती
00:07:04
है कि जिनकी प्रतिष्ठा कम होती है वह
00:07:08
विरोध करने लगते हैं
00:07:11
जिनका खुद का
00:07:13
स्वार्थ उसमें आ जाता है तो विरोध करने
00:07:16
लगते हो तो हम यह पांच बातें जीवन में
00:07:19
रखकर काम चले करते जाए तो विरोध का कोई
00:07:23
असर नहीं
00:07:24
होगा ऐसा मुझे अनुभव आ गया
00:07:28
है एक और पूछता हूं आप जब आपने जब आपका
00:07:32
आंदोलन शुरू
00:07:33
किया तब आपकी क्या आशाएं थी और क्या सपने
00:07:38
थे और पिछले कुछ वर्षों के अनुभव के बाद
00:07:42
आपके विचारों में और आपकी रणनीति यानी
00:07:46
आपकी स्ट्रेटेजी में क्या बदलाव आया है
00:07:48
क्या है कि मैं जब मेरा जीवन का निश्चय
00:07:51
किया कि मेरा
00:07:53
जीवन समाज और देश की सेवाले सेवा में
00:07:57
अर्पण
00:07:58
करना मुझे खतरा लग रहा था कि शादी कर लो
00:08:00
तो चूहा जलाने में समय बीत जाएगा फिर मैं
00:08:04
सेवा नहीं कर पाऊंगा इसलिए मैंने निर्णय
00:08:07
लिया कि शादी भी नहीं
00:08:09
करना और आज तक वही विचार मेरे कायम
00:08:13
है अभी मैं जो निश्चय किया जीवन में व कोई
00:08:18
फल की अपेक्षा नहीं थी कर्मन वाधिकारस्ते
00:08:22
मा फल सु
00:08:24
कदा कि निष्काम भाव से कर्म करते
00:08:28
रहना यही तो भगवान की
00:08:31
पूजा यह सोचकर मैं काम करते गया यह फस्ट
00:08:34
कब आता है हम अपेक्षा रखते जीवन में और
00:08:39
अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं हुआ तो हमें
00:08:41
फस्ट आ
00:08:43
जाता तो जीवन में कोई अपेक्षा नहीं सिर्फ
00:08:47
कर्म करते
00:08:49
रहना इस उद्देश्य से मैं कर्म करते गया
00:08:53
इसके कारण मुझे फर्सड कभी आया नहीं जीवन
00:08:57
में इतनी मुश्किल आ गई इतनी कठिनाई आ गई
00:09:01
हो लेकिन मैं चलते रहा
00:09:05
और हमारी जो मोमेंट है मोमेंट
00:09:11
का जो मोमेंट हम लोग चला रहे उसमें
00:09:14
कभी-कभी बदलाव लाना
00:09:16
पड़ा क्योंकि काम काम का गुरु होता
00:09:19
है एक काम हाथ में लिया व करते करते करते
00:09:25
आपको नया सीखने के लिए मिलता है तो काम
00:09:29
काम का गुरु होता है वह गुरु बनकर आपको
00:09:33
नया सीख देता
00:09:35
है ऐसे मुझे काम करते समय य करप्शन मोमेंट
00:09:40
में जैसे जैसे अनुभव आ गए ऐसे ऐसे मैं
00:09:44
उसको बदलाव करते
00:09:45
गया जैसे
00:09:47
अभी शुरू में एक स्टेट में काम कर रहा था
00:09:51
फिर मुझे लगा नहीं नेशनल लेवल पर भी इतना
00:09:55
करप्शन है तो जनलोकपाल एक अच्छा
00:09:59
बिल बनाकर वह गवर्नमेंट पर प्रेशर डालना
00:10:04
चाहिए तो ऐसे उसमें बदलाव लाते
00:10:08
गए शुरू शुरू में जैसे राइट टू इंफॉर्मेशन
00:10:14
यह कानून बनने के
00:10:18
बाद जैसे ग्राम सभा
00:10:21
है ऑफिस डिले है एक टेबल का पेपर दूसरे
00:10:26
टेबल में सात दिन के अंदर जाना चाहिए गरीब
00:10:29
लोगों को तकलीफ नहीं
00:10:31
होना ऐसे में सट मैंने बदलते
00:10:35
गया और उसमें सफलता मिलते
00:10:38
गई क्योंकि मेरा कोई स्वार्थ नहीं
00:10:41
था इसके कारण मुझे उसकी सफलता मिलते
00:10:46
गया तो ऐसे वह बदलाव आते गया मैं उसमें
00:10:50
कोई स्टडी नहीं किया था मैं उसको कोई
00:10:54
अभ्यास नहीं किया
00:10:56
था कोई पढ़ाई करके कुछ बना नहीं था यह तो
00:11:00
जीवन के अंदर से आने वाली बात
00:11:02
थी और अंदर की बात होने के कारण व ऐसे
00:11:06
होते
00:11:09
गया आप के विचार में भ्रष्टाचार की जड़
00:11:14
क्या है तो आपके विचार में भ्रष्टाचार की
00:11:20
जड़ क्या है क्योंकि लोग कहते
00:11:22
हैं जैसी प्रजा वैसे
00:11:26
नेता भ्रष्टाचार की जड़ है स्
00:11:32
इंसान का स्वार्थ जितने बढ़ते
00:11:36
जाएगा वह स्वार्थ पूरा करने के लिए वह कोई
00:11:40
ना कोई रास्ता अपनाकर वह अपना स्वार्थ
00:11:43
पूरा करने का कोशिश
00:11:45
करेगा स्वार्थ का कारण भ्रष्टाचार बढ़ता
00:11:50
है जितना इंसान निस्वार्थ वृत्ति से
00:11:55
रहेगा जीवन की जरूरत कम करेगा
00:12:00
मुझे जीवन में जितनी जरूरत है उतना ही मैं
00:12:03
अपना हंगा तो करप्शन इतना नहीं
00:12:06
होगा तो करप्शन को निर्माण होने का जड़ जो
00:12:10
है वह सबसे ज्यादा है
00:12:15
स्वार्थ और आज स्वार्थ के कारण य
00:12:18
भ्रष्टाचार बढ़ते जा रहा है एक
00:12:23
दूसरा जीवन के बारे में सोच नहीं है ठीक
00:12:27
है भ्रष्टाचार की आप पैसा मिल गया आगे
00:12:32
क्या तो जीवन के बारे में सोच ना होने के
00:12:36
कारण भी भ्रष्टाचार बढ़ता है जैसे हमारे
00:12:42
यहां एक एमएलए एमपी है मिनिस्टर
00:12:47
है व राजनीति में आता है उसके पास कुछ
00:12:51
नहीं लेकिन दो साल में तीन साल में
00:12:54
करोड़पति बन जाता हो आगे अ जो पति बन जाते
00:12:58
हो क्या जरूरत क्या
00:13:00
इसकी जरूरत नहीं है फिर भी हमारी जरूरत
00:13:03
इतनी बढ़ाते हैं और उसके कारण यह करप्शन
00:13:07
बढ़ रहा तो अगर जड़ अगर स्वार्थ
00:13:11
है तो आपके विचार में उससे लोकपाल बिल से
00:13:15
क्या फर्क पड़ सकता है क्योंकि लोकपाल
00:13:18
स्वार्थ को तो नहीं कंट्रोल कर
00:13:21
पाएंगे नहीं लोकपाल जो
00:13:25
है मैं पहले जो बताया कि मैंने अपना जीवन
00:13:29
समाज और देश की सेवा के लिए अर्पण
00:13:32
किया आज सामान्य लोगों को अपना जीवन जीना
00:13:36
मुश्किल हो
00:13:38
रहा सामान्य लोग जो है गरीब लोग
00:13:41
है कहीं पर भी जाओ पैसे भी काम नहीं
00:13:45
होता तो कैसे जिएगा
00:13:48
व करप्शन के कारण महंगाई बढ़ते जा रही
00:13:53
हो करप्शन के कारण हमारे डेवलपमेंट का जो
00:13:58
काम कर
00:14:00
एक रुप में 10 पैसा नहीं जा रहा गांव में
00:14:03
और मैं तो अपना जीवन दिया था समाज और देश
00:14:06
की सेवा के लिए तो मुझे वह फील हो रहा था
00:14:10
गरीब लोगों को इतना तकलीफ होता है इसके
00:14:13
कारण नलोक पाल अगर आ
00:14:15
गया तो यह गरीब लोगों को हम न्याय दे सके
00:14:20
जनलोकपाल बिल अगर आ गया कानून बन गया तो
00:14:24
योजना पर जो पैस�� लगता है वह पूरा पैसा
00:14:28
योजना पर ल
00:14:30
हमारा देश का जो तरकी करना है डेवलपमेंट
00:14:33
करना है उसमें हमें सफलता मिलेगी गरीब
00:14:36
लोगों को न्याय दे सकेंगे यह सोचकर मैं
00:14:39
जनलोकपाल के तरफ बढ़
00:14:42
गया 40 साल
00:14:46
पहले जय प्रकाश जी
00:14:48
ने जन आंदोलन शुरू
00:14:51
किया लेकिन उससे जो है ज्यादा परिवर्तन तो
00:14:56
आया
00:14:56
नहीं तो आपके विचार में में उन्होने क्या
00:15:01
गलती
00:15:03
की उसमें एक बात थोड़ा मुझे दिखाई देता है
00:15:07
मोमेंट बहुत अच्छी
00:15:09
चलाई पहली बार हमारे देश में ऐसी मोमेंट
00:15:12
खड़ी हो गई है जो जय प्रका जी ने खड़ा
00:15:15
किया
00:15:16
था उसमें कमी क्या रह
00:15:20
गई
00:15:21
कि पक्ष और पार्टी के लोगों को अंदर
00:15:27
लिया और उन को यह पता नहीं था कि यह लोग
00:15:31
भी स्वार्थ के लिए क्या-क्या
00:15:34
करेंगे उन्होने तो बड़े अपना साफ दिल से
00:15:38
यह किया
00:15:40
था लेकिन आज जैसे हमारे लालू प्रसाद है
00:15:45
उनको क्या पता था कि इनमें लालू प्रसाद भी
00:15:50
होंगे यह थोड़ा सा कमी रह
00:15:53
गई इसके कारण
00:15:56
थोड़ा जयप्रकाश नारायण ने
00:16:00
संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था आज के
00:16:04
जवानों के लिए क्या नारा होना चाहिए नहीं
00:16:08
हमारा तो यह नारा है जैसे संपूर्ण
00:16:11
क्रांति तो हमारा नारा यह है संपूर्ण
00:16:14
व्यवस्था
00:16:16
परिवर्तन संपूर्ण व्यवस्था
00:16:19
परिवर्तन इसमें जनलोकपाल एक बात नहीं
00:16:23
करप्शन को मिटाना है तो जनलोकपाल साथ-साथ
00:16:28
आगे है राइट टू
00:16:31
रिजेक्ट उसके आगे है राइट टू
00:16:34
रिकॉल
00:16:35
[संगीत]
00:16:37
हम करप्शन को ब्रेक लगाने के लिए और
00:16:40
करप्शन को अगर ब्रेक लगता है तो संपूर्ण
00:16:44
व्यवस्था परिवर्तन में किसानों के प्रश्न
00:16:47
हैं कृषि प्रधान भारत देश है उसमें कृषि
00:16:51
की क्या अवस्था है आज किसानों के क्या
00:16:54
हालत है ये संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन में
00:16:57
यह सब बातें जो है
00:16:59
कि
00:17:01
हम कृषि का किसान के बारे में सोचना है
00:17:05
उसको कम से कम खेती में पैदावारी पर होने
00:17:10
वाला
00:17:11
खर्चा उसके मुताबिक
00:17:14
उसको उत्पादन मिले पैसा मिले प्रोडक्शन के
00:17:19
आधार पर पैसा खर्चा के आधार पर पैसा
00:17:23
मिले तो यह हम लोग आगे फिर किसान का
00:17:27
प्रश्न है मजदूर का प्रश्न है मजदूरों की
00:17:31
क्या हालत है पूरा उनका खूस चूस
00:17:34
रहे हर हर जगह पर य मजदूरों का खून चूस
00:17:40
रहे
00:17:41
हो
00:17:43
और प्रकृति और मानवता का दोहन यह सही
00:17:48
विकास
00:17:49
नहीं जो हम प्रकृति का दोहन और मानवता का
00:17:52
दोहन करते हैं य सही विकास
00:17:55
नहीं तो यह हम लोग इसमें थोड़ा संपूर्ण
00:17:59
व्यवस्था परिवर्तन में मजदूर के प्रश्न है
00:18:03
एजुकेशन हमारे यहां एजुकेशन
00:18:07
में कई लोगों ने दुकान लगाकर बैठे हो पैसे
00:18:11
के
00:18:12
लिए उसको
00:18:14
बदलना सामान्य लोगों को भी अच्छी शिक्षा
00:18:17
मिलनी
00:18:19
चाहिए जो सामान्य से सामान्य आदमी है उसको
00:18:23
भी अच्छी शिक्षा मिलनी
00:18:25
चाहिए इसलिए यह संपूर्ण व्यवस्था पर में
00:18:29
हम लोग सोच रहे
00:18:30
हैं संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन किस तरह से
00:18:35
आ सकता है और उसके लिए आपकी रणनीति या
00:18:39
स्ट्रेटेजी क्या
00:18:41
है संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन में पहले एक
00:18:44
बात है य जनलोकपाल राइट टू
00:18:48
रिजेक्ट राइट टू रिकॉल जैसे कानून अगर बन
00:18:52
गया तो आज का जो करप्शन में पैसा जा रहा
00:18:59
करप्शन में डेवलपमेंट के बजाय किसी ना
00:19:02
किसी के घर में जा रहा हो वह नहीं
00:19:05
जाएगा और वह पैसा अगर किसी के किसी घर में
00:19:08
जो जाने वाला पैसा है वह हमारे डेवलपमेंट
00:19:11
में अगर लग गया हो तो डेवलपमेंट जल्दी नजर
00:19:13
आएगा य एक बात
00:19:17
है तो पहले है
00:19:20
करप्शन जब तक हम करप्शन के
00:19:23
लिए सोचेंगे नहीं तब तक यह बदलाव नहीं
00:19:26
आएगा दूसरी बात है को अगर सोचना है तो
00:19:30
राइट टू
00:19:32
रिजेक्ट राइट टू रिजेक्ट को सोचना है तो
00:19:36
संसद में चारित्र शल लोक
00:19:39
भेजना जब तक संसद में बदलाव नहीं
00:19:42
आएगा तब तक सही बदलाव नहीं आएगा क्योंकि
00:19:46
हमारा देश का
00:19:48
नीति पूरी संसद में बनाई जाती है और आज
00:19:53
हमारे संसद में 163 लोग दागे बैठे हैं
00:19:59
35 मंत्रियों में 15 मंत्रियों पर आरोप है
00:20:03
तो क्या होगा देश का इसलिए हम लोग यह
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सोचते पहले
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करप्शन यह अगर काबू में आ गया तो फिर आगे
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के बातें हमें आसान होगा तो करप्शन के
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बारे में एक चीज आपको पूछनी है कि 30 40
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साल पहले बहुत लोग यह मानते थे कि भारत
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में लाइसेंस परमिट राज है लाइसेंस परमिट
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राज और यही भ्रष्टाचार की जड़ है लेकिन
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जब
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1991 में आर्थिक सुधार
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हुआ तब देश की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण
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कम हो गया आपके ख्याल में उसके बाद भारत
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में भ्रष्टाचार बढ़ा है बढ़ा है या कम हुआ
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है और इसकी वजह क्या
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है
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भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है
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बढ़ावा आया है या कम हुआ है 1991 के बाद
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जब आर्थिक नियंत्रण कम
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हुआ आज तो जनरली जो दिखाई देता
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है दिन ब
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दिन भ्रष्टाचार बढ़ते जा रहे है कम नहीं
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हो
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रहा क्यों और बढता चार जो भ्रष्टाचार
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बढ़ते जा रहा इसके पीछे कई कारण है
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लेकिन राजनीतिक की गुनहगार जो बढ़ रही
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हो राजनीति का गुनहगार करण जो हो रहा है
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यह एक महत्त्वपूर्ण कारण
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है कि ऐसे लोग जो पक्ष और
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पार्टी गुंडा है भ्रष्ट है व्यभिचारी है
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लुटार है ऐसे लोगों को टिकट देते हो टिकट
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नहीं देते चुन कर लाते हो और ऐसे लोग जब
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संसद में जाते हो
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तो संसद में हमारे करप्शन और डेवलपमेंट
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इसकी सोच करने के बजाय ज्यादा से ज्यादा
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पैसा कैसे मिलाना इसके
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तरफ इसके कारण करप्शन बढ़ते जा
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रहा लेकिन हन्ना जी अगर पार्टियां जो हैं
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गुंडों को टिकट देती
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हैं तो वोटर उन्हें वोट क्यों
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देते यह तो गलती है क्यों
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अभी अच्छे-अच्छे लोगों को यह पता नहीं
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है हमारा भारत का संविधान जो
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है भारत के संविधान में पक्ष और पार्टी का
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नाम कहीं पर भी नहीं है कहीं पर भी नहीं
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है तो हमारा संविधान क्या
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करया लोकतांत्रिक
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गणराज्य जनता ने अपना इंडिविजुअल कैंडिडेट
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खरा करना
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और ऐसे चारित्र शल उम्मीदवार को चुनकर
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भेजना यह हमारा संविधान कह रहा
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है समूह को नहीं है इ 1952 का जो इलेक्शन
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हो गया
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पहला उसमें पक्ष और पार्टी ने इलेक्शन
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लड़ाया और संविधान के अपोजिट में चुनकर
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आकर सत्ता में बैठ गए और हमारे संविधान को
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निस्त नाब अपना
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जनतंत्र को लोकशाही को य पक्ष और पार्टी
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तंत्र ने नेस्त नाबूत कर दिया आज कहीं पर
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भी नहीं है पक्ष और पार्टी तंत्र अपना
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जनतंत्र लोकतंत्र कहीं रहा नहीं हम लोग यह
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बोल रहे कि हमारे देश में लोकतंत्र आ गया
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है
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कहां वह लोकतंत्र है कहां कि जो लोगों का
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लोगों ने लोक सहभाग से चला हुआ तंत्र वह
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है लोकतंत्र व कहां है आज आज तो पक्ष
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तंत्र है पार्टी तंत्र है सरकार तंत्र
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है लोकतंत्र रहा नहीं आने नहीं दिया उसका
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कारण 1952 का जो इलेक्शन हुआ वह संविधान
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के अपोजिट में
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हुआ और हमारा जो बलिदान हुआ देश में 1857
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से लेकर 1957 तक जो बलिदान हुआ लाखों
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लोगों ने बलिदान किया वो दो बात के लिए एक
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तो अंग्रेज को यहां से निकलना था और दूसरा
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हमारे देश में लोकतंत्र लाना था अभी हुआ
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क्या देश से अंग्रेज तो निकल
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गया लेकिन लोकतंत्र को आने नहीं दिया
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इन्होने और जितना लोकतंत्र को ना आने देने
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के कारण य करप्शन बढ़ते
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गया आज देखिए कि हर जगह पर य पक्ष और
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पार्टी
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तंत्र इसके कारण य करप्शन दिन ब बढ़ते जा
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रहा सत्ता से पैसा पैसा से सत्ता सत्ता से
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पैसा पैसा से सत्ता बस तो यह बातें जिसमें
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जो
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हुई आज हमारे देश
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में लोकतंत्र हमारे देश में पक्ष और
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पार्टी का नाम नहीं आप देखिए हमारा
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संविधान देखिए तो तो आपकी और
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केजरीवाल जी के बीच में क्योंकि उन्होंने
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तो यह विचार लिया कि अपनी पार्टी उ
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उन्होंने स्टार्ट की तो इसमें आप आप सहमत
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नहीं थे
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क्यों संविधान क रहा ना मैं तो संविधान पर
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विश्वास रखता हूं जी यह देश हमारा चला है
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भारत देश संविधान के आधार पर चला है
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संविधान को छोड़कर आप कुछ नहीं कर सकते
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हैं कोई कानून बनाया तो संविधान को देखकर
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बनाया जाता है तो मैं संविधान पर विश्वास
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रखा है इसके कारण आज जो पक्ष और पार्टी
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तंत्र संविधान के अपोजिट में जा रहे इसलिए
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मुझे मंजूर नहीं हु और मैं लोगों को जगा
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रहा हूं कि
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जागिए आप लोकतंत्र लाना है
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ना तो आपके हाथ में चाबी
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है वोटर के हाथ में चाबी है टर में दिन
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में
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लाय किय पक्ष पार्टी तंत्र को हम नि नाबूत
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करना है और जनतंत्र लाना है तो जनता ला
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सकते है यह मैं अभी जगा रहा लो एक आखरी
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सवाल पूछते हैं
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आपको आज तक आपकी सबसे प्रमुख अचीवमेंट या
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उपलब्धियां कौन सी रही है और भविष्य में
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आप क्या पाना चाहते
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हैं सबसे महत्त्वपूर्ण अमेंट रही रूर
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डेवलपमेंट महात्मा गांधी ने जो सोचा
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था देश को बदलना है तो पहले गांव को बदलना
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होगा जब तक गांव नहीं बदलेंगे तब तक देश
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नहीं बदलेगा और ऐसे मॉडल विलेज हम लोग
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निर्माण
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किया सिर्फ शब्दों से नहीं प्रत्यक्ष
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प्रैक्टिकली हम जो गांव
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बनाया
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पिछले सात साल
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में उस गांव में आने वाले की
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है साढ़े
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लाख स्टडी करने के लिए पांच लोगों ने पीडी
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की उसके तो हम पहले प्रायोरिटी दिया
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ग्राम
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विकास
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क्यों हम लोग जो डेवलपमेंट कर रहे
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आज प्रकृति और मानवता का दोहन करके किया
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हुआ विकास य सही विकास नहीं यह गांधी जी
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कहते
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थे क्या प्रकृति का दोहन कर रहे हैं
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मानवता का दोहन कर रहे हैं और विकास का
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सपना देख रहे हैं ये सही विकास नहीं होगा
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कभी ना कभी विनाश
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होगा तो हम ऐसे विकास करना है प्रकृति और
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मानवता का दोहन ना हो जैसे हम
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पहले कुछ गांव हाथ में
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लिया उस गांव में 80 पर लोग भूखे
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थे खाने के लिए अनाज नहीं
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पीने के लिए पानी नहीं ड्रॉट पन एरिया
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क्या किया बारिश के पानी का बूंद ना बूंद
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को रोका जमीन में रिचार्जिंग किया
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अंडरग्राउंड वाटर बल को बढ़ाया और जिस
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गांव
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में जिस ड़ में 300 एकड़ जमीन में एक
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क्रॉप के लिए पानी नहीं मिलता था आज डेज
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एकड़ जमीन में दो क्रॉप के लिए पानी मिल
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रहा है अर्थव स्था बदल गई
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जिस गांव
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में 400 लीटर मिल्क बाहर नहीं जाता था आज
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साढे हज लीटर दूध बाहर जा रहा
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है तो गांधी जी का सपना यह था देश बदलने
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के लिए गांव बनाना एक दूसरा देश की
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अर्थनीति बदलनी है तो पहले गांव की
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अर्थनीति बदलनी
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होगी गांव की अर्थनीति जब तक सही नहीं
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बदलती भारत के
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लिए गांव की अर्थनीति नहीं बदलेगी तब तक
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देश की अर्थनीति नहीं बदलेगी
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और वो गांव की अर्थनीति बदलने के लिए हम
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लोग सक्सेस करके दिखाया
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उधर तो यह बातें उसमें बहुत जरूरी है कि
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दोहन
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शोषण शोषण करके किया विकास
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सय तो यह हमारा पहला प्रायोरिटी उसको
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है कि ऐसे गांव आज हम लोग 50 गांव हाथ में
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लिए देश के देश को देखते हुए बहुत कम है
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लेकिन उसका गुणाकार अभी हो रहा
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है लोग उसका अनुकरण कर रहे हैं आगे आप
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क्या पाना चाहते हैं अभी उसमें दो बातें
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हैं एक तो रूरल डेवलपमेंट जो है उसको
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स्पीड देना
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है और दूसरा करप्शन मोमेंट
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में जैसे यह जनलोकपाल है राइट टू रिजेक्ट
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है राइट टू रिकॉल है करप्शन को रोकने वाली
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बातें हैं और जनता को संगठित करके पूरे
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देश में अभी मैं घूम रहा
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हूं पूरे देश में
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घूमू 120 करोड़ नहीं लेकिन कम से कम पाच छ
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करोड़ लोगों को मैं संगठित
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करूंगा और प्रेशर ग्रुप अगर बन गया तो यह
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सब करना सरकार को भाग
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पड़ेंगे
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कि जो हमें करप्शन की मूवमेंट ले और
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करप्शन अगर हो गया तो और सोशल प्रेशर बन
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गया तो आगे के जो बातें हैं एक एक इशू पर
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हम पूरे देश में एक ही टाइम पर आंदोलन कर
00:31:11
सकते हैं वह आगे का नेती है तो हमसे बात
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करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद धन्यवाद
00:31:18
धन्यवाद
00:31:24
[संगीत]
00:31:26
नमस्ते ब
00:31:32
[संगीत]

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This episode stands out for the following:

  • 70
    Most inspiring
  • 70
    Best concept / idea
  • 60
    Best overall
  • 60
    Most influential

Episode Highlights

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन
    Inspired by Swami Vivekananda, the speaker dedicates life to fighting corruption.
    “सेवा ही भगवान की पूजा है।”
    @ 02m 31s
    October 16, 2013
  • आंदोलन की चुनौतियाँ
    Facing opposition while working for grassroots change, the speaker remains steadfast.
    “मैं रुका नहीं हूं।”
    @ 06m 04s
    October 16, 2013
  • गांव का विकास
    Transforming villages as a model for national development, focusing on sustainability.
    “गांव की अर्थनीति बदलने के लिए हम लोग सक्सेस करके दिखाया।”
    @ 29m 35s
    October 16, 2013

Episode Quotes

  • जीवन का धागा हाथ में आ गया।.
    Removing Corruption (Video In Hindi)
  • सेवा ही भगवान की पूजा है।.
    Removing Corruption (Video In Hindi)
  • करप्शन को जो मोमेंट है, उसको चलाने का मुझे प्रेरणा मिली।.
    Removing Corruption (Video In Hindi)

Key Moments

  • सेवा का संकल्प02:47
  • भ्रष्टाचार का सामना03:24
  • गांव की अर्थनीति29:21

Words per Minute Over Time

Vibes Breakdown

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